उत्तर प्रदेश

नाले में केक काटने के बाद मिली मंजूरी

Kavita2
24 Sept 2026 1:41 PM IST
नाले में केक काटने के बाद मिली मंजूरी
x

आगरा। शहर में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नगर विकास विभाग ने दो प्रमुख नालों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। सुल्तानगंज की पुलिया से जीवनी मंडी तक नाले और नवीन गल्ला मंडी नाले के निर्माण पर कुल 72.74 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बारिश के मौसम में कई इलाकों में होने वाले जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है।

नगर विकास विभाग की मंजूरी के अनुसार सुल्तानगंज की पुलिया-जीवनी मंडी नाले के निर्माण पर 35.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं नवीन गल्ला मंडी नाले के निर्माण के लिए 37.44 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों नालों की कुल लागत 72.74 करोड़ रुपये होगी।

नगर निगम प्रशासन ने करीब चार महीने पहले दोनों नालों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर नगर विकास विभाग को भेजा था। प्रस्ताव में जल निकासी की मौजूदा समस्या और नए नालों की जरूरत का उल्लेख किया गया था। अब विभागीय मंजूरी मिलने के बाद इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का रास्ता साफ हो गया है।

शहर के कई हिस्सों में बारिश के दौरान जलभराव बड़ी समस्या बन जाता है। तेज बारिश होने पर सड़कों और कॉलोनियों में पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। कई स्थानों पर पानी निकलने में लंबा समय लग जाता है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सुल्तानगंज की पुलिया क्षेत्र में नाला निर्माण की मांग लंबे समय से उठती रही है। बारिश के दौरान यहां जल निकासी की समस्या सामने आती है। नाले का निर्माण नहीं होने को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी नाराजगी जता चुके हैं। भाजपा पार्षद किशन नायक ने इस मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए अपने जन्मदिन पर नाले में खड़े होकर केक काटा था।

पार्षद का यह अनोखा विरोध उस समय चर्चा में आया था। उनका उद्देश्य क्षेत्र में नाला निर्माण की जरूरत और जलभराव की समस्या को प्रशासन के सामने प्रमुखता से रखना था। अब सुल्तानगंज की पुलिया से जीवनी मंडी तक नाले के लिए 35.30 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने से स्थानीय लोगों की उम्मीद बढ़ी है।

नवीन गल्ला मंडी क्षेत्र के लिए भी नाला निर्माण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां नाले के निर्माण पर 37.44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। गल्ला मंडी और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में व्यापारिक गतिविधियां होती हैं। ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव होने से व्यापारियों, कर्मचारियों और यहां आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

नया नाला बनने के बाद बारिश के पानी की निकासी बेहतर होने की उम्मीद है। इसका लाभ केवल मुख्य मार्गों को ही नहीं, बल्कि आसपास की कॉलोनियों और बाजार क्षेत्रों को भी मिल सकता है। हालांकि वास्तविक राहत निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी नेटवर्क से इसके उचित जुड़ाव पर निर्भर करेगी।

दोनों नालों के निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद अब आगे की प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। निर्माण एजेंसी के चयन, निविदा और कार्ययोजना से संबंधित औपचारिकताओं के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। निर्माण के दौरान यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आसपास के यातायात और स्थानीय लोगों की आवाजाही कम से कम प्रभावित हो।

शहरों में जलभराव की समस्या का एक बड़ा कारण पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था का अभाव माना जाता है। कई स्थानों पर पुराने नाले बढ़ती आबादी और निर्माण के कारण वर्तमान जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त नहीं रह गए हैं। वहीं नालों में कचरा जमा होने और अतिक्रमण जैसी समस्याएं भी पानी के प्रवाह को प्रभावित करती हैं।

ऐसे में नए नालों का निर्माण करने के साथ उनकी नियमित सफाई और रखरखाव भी महत्वपूर्ण होगा। अगर नालों में कचरा जमा होता रहा तो बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाएगी। नगर निगम के लिए निर्माण के बाद रखरखाव की स्थायी व्यवस्था करना भी जरूरी होगा।

सुल्तानगंज की पुलिया से जीवनी मंडी तक बनने वाला नाला शहर के महत्वपूर्ण जल निकासी मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से आसपास के क्षेत्रों में जमा होने वाले बारिश के पानी को तेजी से निकालने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसी तरह नवीन गल्ला मंडी नाले से मंडी और आसपास के इलाकों की जल निकासी व्यवस्था मजबूत होने की संभावना है। व्यापारिक क्षेत्र होने के कारण यहां जलभराव से न केवल लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है, बल्कि दुकानदारों और कारोबारियों को भी नुकसान का खतरा रहता है।

नगर निगम की ओर से चार महीने पहले भेजे गए प्रस्ताव को अब मंजूरी मिलने के बाद स्थानीय लोगों को निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है। विशेष रूप से सुल्तानगंज की पुलिया क्षेत्र में नाले की मांग लंबे समय से की जा रही थी। पार्षद द्वारा नाले में खड़े होकर जन्मदिन का केक काटने जैसी घटना ने भी समस्या को चर्चा में ला दिया था।

कुल 72.74 करोड़ रुपये की इन दोनों परियोजनाओं को शहर की जल निकासी व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनमें सुल्तानगंज की पुलिया-जीवनी मंडी नाले के लिए 35.30 करोड़ और नवीन गल्ला मंडी नाले के लिए 37.44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आवश्यक प्रक्रियाएं कितनी जल्दी पूरी होती हैं और निर्माण कार्य कब शुरू होता है।

Next Story